सोशल मीडिया | 6-मिनट में पढ़ें
Neetu Singh Birthday: दुख से बाहर आने के जतन समाज को खटकते क्यों हैं?
Dilip Kumar की मौत पर आंसू बहाने वाले बॉलीवुड का Neetu Singh, Birthday Party में जाना स्वघोषित फिल्म क्रिटिक और एक्टर कमाल आर खान को खल गया है. आइये जानें कि मामले के मद्देनजर ट्विटर पर पूरे बॉलीवुड को घेरने वाले KRK को, हमें क्यों नहीं जज करना चाहिए.
सिनेमा | 6-मिनट में पढ़ें
दिलीप कुमार के दौर में मुस्लिम एक्टर्स ने हिंदू नाम रखे, आमिर-शाहरुख-सलमान के साथ क्या बदला?
फिल्म इंडस्ट्री के लिए धार्मिक पहचान कितना मायने रखता है इसे आज के सोशल मीडिया ट्रेंड्स में देखा जा सकता है. अब मुस्लिम सितारों की फिल्मों के बहिष्कार की अपील की जाती है. एक जमाने में इंडस्ट्री पर राज करने वाले शाहरुख और सलमान बदले राजनीतिक माहौल में जूझते नजर आ रहे हैं.
सियासत | 4-मिनट में पढ़ें
लता मंगेशकर के ट्वीट में लोगों को सायरा भाभी नही दिखा! लेकिन, यूसुफ भाई दिख गया
दिलीप कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्मों में आने के लिए उन्हें अपना नाम बदलना पड़ा. मोहम्मद यूसुफ खान से दिलीप कुमार बनने के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा था कि पिता के नाराज होने के डर की वजह से उन्होंने अपना नाम बदल लिया था. दरअसल, यूसुफ खान के पिता फिल्मों के सख्त खिलाफ थे. पिता के डर से यूसुफ खान नाम बदलकर दिलीप कुमार हो गए.
सिनेमा | एक अलग नज़रिया | 5-मिनट में पढ़ें
दिलीप कुमार की ये पांच फिल्में नहीं देखी तो क्या देखा, साहब के बिना सिनेमा जगत अधूरा है!
दिलीप कुमार (Dilip Kumar) नहीं होते तो शायद लोगों को बॉलीवुड से इतना प्यार नहीं होता. अदाकारी क्या होती है, साहब के बिना शायद यह किसी को समझ ही नहीं आता. जादूगर भले दुनिया को अलविदा कह गया, लेकिन उनका तिलिस्म अभी भी कायम है और रहेगा.
सिनेमा | 4-मिनट में पढ़ें
दिलीप साहब तो दिल में रहेंगे, आइये सायरा की मोहब्बत पर बात करें...
जब जब दिलीप कुमार का जिक्र होगा तब तब सायरा बनो को याद किया जाएगा. हां उस बेपनाह मोहब्बत को महसूस करने वाला, खुशनसीब शख़्स चला गया. सायरा के दिल पर जिसका राज था, वो राजकुमार चला गया. इश्क़ में सराबोर एक सपने ने आज आखिरी सांस ले, आंखें मूंद ली हैं. विदा, दिलीप साब! आप तक हमारी मोहब्बत पहुंचे.
सिनेमा | 2-मिनट में पढ़ें
दिल को तेरी ही तमन्ना, दिल को है तुझसे ही प्यार... अलविदा दिलीप साहब!
इस खबर के बाद कि सदी के महानतम सितारों में से एक दिलीप कुमार हम सबको छोड़कर जा चुके हैं. फैंस आहत हैं. पर्दे पर जिस तरह दिलीप साहब ने मुहब्बत को उकेरा है वो अपने में बेमिसाल है. चाहे वो देवदास हो या फिर अनारकली की मुहब्बत के लिए ज़माने से लड़ता सलीम ये दिलीप साहब का अभिनय ही है जिसने मुहब्बत को एक नयी परिभाषा दी.
सिनेमा | 7-मिनट में पढ़ें
दिलीप कुमार-राज कपूर की 'जिगरी' दोस्ती, जिसमें खटास पड़ गई
पेशावर की किस्सागो गली के दो मकानों में महज दो साल के फासले से पैदा हुए दो दिग्गज कलाकारों की किस्सागोई जमाने ने बड़े चाव से सुनी है. एक 'Positively Not The End' कहते हुए दुनिया से पहले ही रुखसत हो गया था. दूसरा अपनी लिखी याददाश्त की अलसभोर में फंसे हुए किरदार जीते हुए अब अलविदा कह गया.
सिनेमा | 6-मिनट में पढ़ें
अलविदा अदाकार-ए-आज़म दिलीप कुमार!
98 साल के दिलीप कुमार की मौत के बाद एक अध्याय का अंत हो गया है. दिलीप भले ही आज हमारे बीच नहीं हों मगर ये उनकी एक्टिंग ही थी जिसे देखकर तमाम लोग एक्टर बने. लंबे फिल्मीं सफर में दिलीप कुमार ने कम ही फ़िल्में कीं उन्होंने क्वांटिटी में नहीं हमेशा ही क्वालिटी पर यकीन रखा.
सिनेमा | 4-मिनट में पढ़ें








